भारतीय संस्कृति- 8 (विज्ञान) विमान रहस्य

विद्याभारती E पाठशाला
भारतीय संस्कृति- 8 (विज्ञान)
विमान रहस्य
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विज्ञान ने मानव के स्वप्नों को साकार कर दिया है। जो जो इंसान सोचता गया, विज्ञान उसे उपलब्ध कराता गया। बीसवीं सदी में मानव आकाश में भी उड़ने लगा। पक्षियों को आकाश में विचरण करते देख इंसान ईर्ष्या करता था, उन्हें हवा में उड़ते देख आहें भरता था। पर राइट ब्रदर्स ने उड़ने का रास्ता निकाल ही लिया। दोनों राइट भाईयों के अनवरत प्रयासों का ही फल है कि आज हम आकाश का सीना चीर थोड़े समय में कहाँ से कहाँ पहुँच जाते हैं।
1903 में बना पहला विमान बहुत छोटा था। उसमें केवल दो ही लोग बैठ सकते थे। इसके बाद नित नयी तकनीकों का विकास होता गया और बड़े बड़े विमान बनते गये। प्रारम्भ में केवल 30-32 लोग ही विमान में बैठ सकते थे, पर अब तो बहुत बड़े बड़े विमान बनने लगे हैं जिनमें 300 से 1000 यात्री तक बैठ सकते हैं।

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