शिक्षा दर्शन – 1 विद्या भारती का लक्ष्य

विद्या भारती का लक्ष्य
विद्या भारती अपने सामने एक बहुत उदात् लक्ष्य रखकर संकल्पबद्ध है कि - हमें देश का नव निर्माण भारतीय उज्जवल परम्पराओं के आधार पर करना है। समाज परिवर्तन का सर्वश्रेष्ठ माध्यम शिक्षा ही है । लक्ष्य की चर्चा के पूर्व कुछ ज्वलन्त प्रष्न है:-
1. हम कैसी शिक्षा प्रणाली चाहते है ?
2. इस शिक्षा प्रणाली से हम कैसी नागरिक पीढ़ी तैयार करना चाहते है ?
3. देश का दृढ़ सांस्कृतिक एंव बौद्धिक आधार कैसे खड़ा होगा ?
4. हमारी शिक्षानीति कैसी होनी चाहिए ?
5. मानव निर्माणकारी शिक्षा का दायित्व किस पर है ?
देश की स्वतंत्रता के 67 वर्ष बाद भी उपरोक्त प्रष्नों का सटीक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है। विद्या भारती अखिल भातरीय शिक्षा संस्थान ने ही केवल दायित्व के साथ नवीनपीढ़ी के निर्माण का वीणा उठाया है। विद्याभारती ने संकल्प लिया है कि हम शिक्षा एवं संस्कार के माध्यम से ऐसी पीढ़ी तैयार करेंगे जो शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्ण विकसित होगी । इसके जीवन में भटकाव नहीं होगा और न ही राष्ट्र के प्रति कोई विभ्रम की स्थिति होगी। श्रेष्ठतम् परिणामों को ध्यान में रखकर विद्याभारती संगठन ने अपना लक्ष्य निर्धारित किया है जो निम्न प्रकार है।

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