Lesson- 24 कार्य ऊर्जा और शक्ति

Lesson- 24 कार्य ऊर्जा और शक्ति
1- कार्य ऊर्जा और शक्ति
कार्य
भौतिकी में कार्य (work) होना तब माना जाता है जब किसी वस्तु पर कोई बल लगाने से वह वस्तु बल की दिशा में कुछ विस्थापित हो। दूसरे शब्दों में, कोई बल लगाने से बल की दिशा में वस्तु का विस्थापन हो तो कहते हैं कि बल ने कार्य किया। कार्य, भौतिकी की सबसे महत्वपूर्ण राशियों में से एक है। कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं। कार्य करने या कराने से वस्तुओं की ऊर्जा में परिवर्तन होता है।

किसी वस्तु पर F बल लगाने पर वह वस्तु बल की दिशा में d दूरी विस्थापित हो जाय तो किया गया कार्य
होगा।
उदाहरण:
10 न्यूटन (F = 10 N) का बल किसी वस्तु पर दक्षिण दिशा में लगता है और वह वस्तु दक्षिण दिशा में 2 मीटर (d = 2 m) विस्थापित हो जाती है तो बल द्वारा किया गया कार्य W = (10 N)(2 m) = 20 N m = 20 J हुआ। किसी वस्तु पर 5 न्यूटन का बल लगाकर उसे 4 मीटर विस्थापित करने पर भी 20 J ही कार्य होगा (5 N x 4 m = 20 J) .
कार्य का मात्रक 'जूल' है। इसे संक्षेप में J से निरूपित किया जाता है। १ जूल = १ न्यूटन-मीटर। कार्य एक अदिश राशि है।

विज्ञान में हम उन सब कारणों को कार्य कहते हैं, जिनमें किसी वस्तु पर बल लगाने से वस्तु की स्थिति में परिवर्तन हो जाता है।

पीडीएफ देखें.....
Lesson- 24 कार्य ऊर्जा और शक्ति
2 - जाने ऐसा क्यों - कटे हुए सेब का रंग क्‍यों बदल जाता है
3- विज्ञान प्रयोग - प्रतिरोधो का समांतर एवं श्रेणी क्रम में संयोजन 

विडियो देखें....
https://www.youtube.com/watch?v=R1bujucZHg4
https://www.youtube.com/watch?v=yRiQWCB0834

आलोक- भौतिकी के कठिन अध्यायों का हम अध्ययन कर रहे है. शायद विषय कुछ कठिन लग रहे हो. किन्तु गंभीरता से देखेंगे तो सरल लगेंगे.
आप को यदि समझ ने में परेशानी हो तो कमेंट में लिख दीजिये.. हमारे मास्टर ट्रेनर आपको फ़ोन लगाकर 

No comments:

Post a comment